अंतर मंत्रालयी पैनल वाले दूरसंचार आयोग ने स्पेक्ट्रम मूल्यांकन एवं मूल्य निर्धारण पर ट्राई की सिफारिशों को वापस समीक्षा के लिए भेज दिया है। आयोग का कहना है कि कुछ सिफारिशों को मौजूदा स्वरूप में प्रभावी नहीं बनाया जा सकता है।
दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग ने शुक्रवार को सिफारिशें वापस ट्राई को भेजने का फैसला किया है। क्योंकि, कुछ सिफारिशों पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अगले दौर की नीलामी के लिए पिछले माह 1800 मेगाहर्ट्ज और 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के मूल्यांकन और मूल्य निर्धारण पर अपनी सिफारिशें दी थी। इन बैंड का इस्तेमाल 2जी सेवाओं के लिए किया जा रहा है।
नियामक ने फरवरी नीलामी में 1800 मेगाहर्ट्ज के लिए प्राप्त हुई अंतिम बोली से अगले दौर की नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम की कीमतें करीब 10 फीसदी अधिक रखने का सुझाव दिया था। दूरसंचार आयोग ने 800 मेगाहर्ट्ज (सीडीएमए) स्पेक्ट्रम बैंड के लिए भी ट्राई द्वारा की गई सिफारिशों को वापस भेजा है।
ट्राई ने नीलामी के लिए सीडीएमए स्पेक्ट्रम आरक्षित मूल्य 2,685 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज रखने का सुझाव दिया था। जो कि इससे पहले देशभर में नीलामी के लिए रखे गए आधार मूल्य से करीब 50 फीसदी अधिक है। नियामक ने प्रस्तावित नीलामी के साथ 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड में रेडियोवेव्स बेचने की भी सिफारिश की है।