टाटा पावर सोलर (टीपीएस) ने घोषणा की है कि उसे जेएनएनएसएम फेज-2 बैच-1 का सबसे बड़ा डीसीआर आर्डर मिला है। कंपनी 20 मेगावॉट प्रोजेक्ट के लिए मॉड्यल की समूची जरूरतों की आपूर्ति करेगी। यह प्रोजेक्ट एसीएमई सोलर द्वारा स्थापित किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए 1,00,000 मॉड्यूल्स की जरूरत है। इसका निर्माण टीपीएस की बंगलुरू स्थित मैन्यूफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया जाएगा। एसीएमई सोलर ने पिछले वर्ष बिडिंग के दौरान 100 मेगावॉट का प्रोजेक्ट हासिल किया था।
एमएनआरई की डोमस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट नीति के तहत इसमें से 20 मेगावॉट का प्रोजेक्ट देश में तैयार सेल्स और मॉड्यूल का इस्तेमाल करते हुए किया जाना है। इस मौके पर टाटा पावर सोलर के वाइस प्रेसीडेंट, मैन्यूफैक्चरिंग एंड बिजनेस डेवलपमेंट राहुल बधवार ने कहा कि एसीएई और इडीएफ ने कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद हमें कारोबार दिया है।
यह हमारी उत्कृष्ट और विश्वस्तरीय मैन्यूफैक्चरिंग क्षमताओं को साबित करता है। यह क्षमता हमने पिछले 25 वर्षो के दौरान हासिल की है। हम एसीएमई और इडीएफ के साथ रणनीतिक संबंधों को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं। हम इस प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर विश्व स्तरीय मॉड्यूल की आपूर्ति कर जेएनएनएसएम की सफलता में योगदान करेंगे।
प्रोजेक्ट पर टिप्पणी करते हुए एसीएमई सोलर के सीईओ मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट में माड्यूल अकेला सबसे बड़ा अवयव है। एसीएमई सोलर मॉड्यूल मैन्यूफैक्चरर्स को मंजूरी देने के लिए कड़ी प्रक्रिया का पालन करता है।