ऑटो कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने मंगलवार को कहा है कि वे भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के जुर्माने के आदेश को चुनौती देंगी। सीसीआई ने स्पेयर पार्ट्स और ऑफ्टर सेल्स सर्विस के नियमों का उल्लंघन करने के मामले में महिंद्रा एवं ऑटो मोटर्स सहित 14 ऑटो कंपनियों पर 2,545 करोड़ का जुर्माना लगाया है। सीसीआई के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते दोनों कंपनियों ने यह बात कही है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने एनएसई को बताया है कि कंपनी इस आदेश से असंतुष्ट है और वह उचित फोरम के समक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है। इसी तरह से टाटा मोटर्स ने बीएसई को बताया है कि वह उचित फोरम पर इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी।
टाटा मोटर्स पर सीसीआई ने 1,346.46 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा के खिलाफ सीसीआई ने 292.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के मुताबिक सीसीआई द्वारा जारी किए गए आदेश को 60 दिन के भीतर कम्पीटिशन अपीलेट ट्रिब्यूनल (कॉम्पैट) के सक्षम चुनौती दी जा सकती है। होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड (एचसीआईएल) के एक प्रवक्ता का कहना है कि हमें सीसीआई के आदेश की जानकारी है, लेकिन हमें अभी तक सीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। आदेश मिलने के बाद हम इस बारे में जवाब देंगे।
एमएंडएम का कहना है कि कंपनी ने जांच के संदर्भ में अथॉरिटीज द्वारा सभी मांगी गई सूचनाएं और स्पष्टीकरण तैयार कर लिए हैं। सीसीआई ने 14 ऑटो कंपनियों पर 2,545 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई है। इसके मद्देनजर महिंद्रा एंड महिंद्रा पर वित्त वर्ष 2007-08, 2008-09 और 2009-10 के उसके सालाना टर्नओवर के औसत का दो फीसदी यानी 292.25 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया है।