अलीगढ़ में टप्पल से सटे गांव जहानगढ़ के प्रधानपति व टप्पल सहकारी समिति के अध्यक्ष भाजपा नेता ज्ञानचंद्र शर्मा उर्फ ज्ञानी प्रधान की हत्या के बाद से टप्पल इलाका तनाव में है। सुबह जैसे ही क्षेत्र में इस हत्याकांड की खबर फैली सैकड़ों लोगों की भीड़ थाने के सामने जमा हो गई और अलीगढ़-पलवल मार्ग पर जाम लगा दिया। यहां पुलिस केखिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया।
यहां से पुलिस ने भीड़ को लाठी चार्ज कर हटा दिया तो पब्लिक इंटरचेंज के नीचे जाम लगाकर बैठ गई और बिजना नगला की पुलिया पर भी जाम लगाया। जिसे दो घंटे बाद बमुश्किल खोला। भीड़ हत्या के खुलासे और एसओ पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। शाम को जब शव गांव में पहुंचा तो एसओ पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीओ-एसपीआरए को घेर लिया। वहां भी पब्लिक को समझाकर शांत किया। शव के अंतिम संस्कार के साथ गांव में फोर्स तैनात है। एसडीएम-सीओ कैंप किए हुए हैं।
पोस्टमार्टम में देरी ने बढ़ाया पब्लिक का गुस्सा
रात दस बजे ज्ञानी प्रधान की हत्या के बाद चूंकि लोगों को ज्यादा सूचना नहीं मिल पाई थी। फिर भी काफी संख्या में लोग रात को ही थाने पर एकत्रित हो गए थे और वहां सिपाही व होमगार्र्डों से हाथापाई करते हुए तोड़फोड़ कर दी थी। साथ में जाम भी लगाया था। इसके बाद सुबह जैसे ही क्षेत्र में यह खबर फैली तो सैकड़ों लोगों की भीड़ आठ बजे से टप्पल थाने पर जमने लगी और जाम लगा दिया। शुरुआती दौर में पब्लिक का दबाव था कि जल्द ही शव पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया जाए। मगर जैसे-जैसे पोस्टमार्टम में देरी होती रही पब्लिक का गुस्सा बढ़ता रहा। थाने से पुलिस ने जैसे-जैसे जाम खुलवाया तो पब्लिक इंटरचेंज व नगला बिजना पर अलीगढ़-पलवल मार्ग जाम करके बैठ गई। बाद में डीआईजी सत्येंद्रवीर सिंह व एसएसपी मोहित गुप्ता जब वहां पहुंचे और पब्लिक को समझाया, तब 12 बजे करीब जाम खुला।
कई हजार लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद जब ज्ञानी का शव शाम करीब पांच बजे गांव में पहुंचा तो वहां कई हजार लोगों की भीड़ मौजूद थी। तभी भीड़ ने एसपीआरए व सीओ को यह कहते हुए घेर लिया कि एसओ के पास से ज्ञानी आया था। एसओ भी इस साजिश में शामिल रहा है। इसलिए एसओ पर कार्रवाई की जाए। वहां अधिकारियों ने समझाया। बाद में पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार के बाद गांव में एसडीएम-सीओ कैंप किए हुए हैं। इस दौरान सुबह से ही पांच थानों के अलावा पीएसी, आरआरएफ को भी लगाया गया है।
सांसद ने देखा पोस्टमार्टम व्यवस्था का हाल
ज्ञानी प्रधान का शव सुबह सवा दस बजे करीब मेडिकल कॉलेज से पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए मोरचरी भिजवा दिया गया। शव के साथ खुद सांसद सतीश गौतम, भाजपा जिला प्रभारी श्रीमती शशी सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष यतिन दीक्षित आदि पहुंचे। हालांकि सांसद व शशी सिंह आदि रात से ही मेडिकल कॉलेज और टप्पल थाने में मुकदमा आदि दर्ज कराने में सक्रिय थे। रात में ही तय हो गया था कि दिन निकलते ही पोस्टमार्टम करा दिया जाएगा। इसके लिए तीन डॉक्टरों हीरा सिंह, गयास व रिजवान का पैनल भी बना दिया गया था।
मगर सीएमओ के तमाम दावों के बाद भी यहां समय पर डॉक्टर नहीं पहुंचे। पहले तो पुलिस के कागजों में देरी का हवाला देकर डॉक्टर नहीं आए। जब डॉक्टरों को खबर कराई गई कि कागज पूरे हैं, तभी उनके कानों पर जूं नहीं रेंगी। इसके बाद सांसद ने डीएम व सीएमओ को करीब तीन घंटे में तीन-तीन बार फोन किया। हर बार अधिकारी यही कहते रहे कि अभी इंतजाम हो रहा है। अंतिम बार सांसद को अधिकारियों से कहना पड़ा कि एक सांसद यहां तीन घंटे से खड़ा है। भाजपा नेता की हत्या हुई है। फिर भी पोस्टमार्टम व्यवस्था का यह हाल है तो आम आदमी के साथ क्या होगा। इस पर डीएम ने सीएमओ को जमकर हड़काया। तब जाकर दो बजे करीब तीनों डॉक्टर वहां जुटे और पोस्टमार्टम कराया गया।