टाटा समूह ने देश के सबसे मूल्यवान ब्रांड के रूप में अपने ओहदे को बरकरार रखा है। टाटा समूह की ब्रांड वैल्यू 21 अरब डॉलर आंकी गई है। जबकि, शीर्ष सौ भारतीय ब्रांडों की कुल वैल्यू 92.6 अरब डॉलर है। ब्रांड फाइनेंस इंडिया के सालाना अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
अध्ययन के मुताबिक सरकारी बीमा दिग्गज एलआईसी देश का दूसरा सबसे मूल्यवान ब्रांड है, जिसकी वैल्यू 4.1 अरब डॉलर है। इसी तरह, एसबीआई की ब्रांड वैल्यू 4 अरब डॉलर, भारती एयरटेल की 3.8 अरब डॉलर और रिलायंस की 3.5 अरब डॉलर है। टाटा समूह की ब्रांड वैल्यू में पिछले एक साल में 3 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।
अध्ययन का कहना है कि टाटा समूह के कुछ डिविजन के अंडरपरफार्मेंस के बावजूद अगले तीन साल में 35 अरब डॉलर के निवेश की योजना पेश किए जाने का लाभ ब्रांड को मिलना चाहिए। 2013 की तुलना में शीर्ष 50 कंपनियों की ब्रांड वैल्यू में 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इनमें टाटा, गोदरेज, एचसीएल और एलएंडटी आदि शामिल हैं।
ब्रांड फाइनेंस के मुताबिक बैंकिंग कंपनियों का प्रदर्शन खराब रहा। इनकी ब्रांड वैल्यू में गिरावट देखी गई, जिसकी मुख्य वजह खराब प्रशासन और कमजोर क्रेडिट नियंत्रण रहा। खराब रेवेन्यू अनुमान और एनपीए बढ़ने के चलते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की ब्रांड वैल्यू में 1.9 अरब डॉलर की गिरावट आई।