छोटे और मझोले उपक्रम के तहत आने वाले कारोबारी अब अपने कर्ज के आवेदन की ऑनलाइन निगरानी कर सकेंगे। यानी, उन्हें इसके लिए बार-बार बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही बैंक उनके लिए नई व्यवस्था में ज्यादा जवाबदेह हो सकेंगे। नई प्रणाली में कारोबारी यह जान सकेंगे कि उनके द्वारा किया गया कर्ज का आवेदन किस स्तर पर हैं। इसके अलावा यदि आवेदन में कोई कमी है, तो वह उसकी भी जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।
बैंक ऑफ इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि आरबीआई ने हाल ही में बैंकों से कहा है कि वह एमएसएमई सेक्टर के तहत आने वाले कारोबारियों के लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करें। यानी, कारोबारी को कर्ज के आवेदन के समय ही बैंक उसे ऑनलाइन पावती पत्र जारी करें। जिससे एक निश्चित समय में उसके आवेदन का निपटारा किया जा सके।
अधिकारी के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में आवेदन की प्रक्रिया मैन्युअल है। इसमें कारोबारी को अपने आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी के लिए बैंक शाखा आना पड़ता है। नई व्यवस्था में ऐसा नहीं होगा। आवेदन करने के बाद कारोबारी को तुरंत बैंक के तरफ से पावती पत्र मिल जाएगा। साथ ही वह अपने आवेदन के स्टेटस की जानकारी भी ऑनलाइन मालूम कर सकेगा।
अधिकारी के अनुसार, आरबीआई के निर्देश के अनुसार पांच लाख रुपये तक के कर्ज की मांग करने वाली कारोबारी के आवेदन की सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 दिन के अंदर उसे कर्ज देना अनिवार्य है। इसी तरह, पांच लाख से ज्यादा और एक करोड़ रुपये तक के कर्ज की प्रक्रिया 21 दिन में और एक करोड़ रुपये से ज्यादा और 10 करोड़ तक के कर्ज के आवेदन को 45 दिन में पूरा करना बैंक के लिए अनिवार्य किया गया है। ऐसे में जब सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, तो कारोबारी के लिए कर्ज जल्द मिलने का रास्ता आसान हो सकेगा।