छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स के लिए भारतीय लघु उद्योग एवं विकास बैंक (सिडबी) रिफाइनेंस स्कीम चला रहा है। इसके तहत ऑपरेटर्स वाहन के चेसिस व बॉडी बनवाने के साथ-साथ शुरुआती कारोबारी पूंजी के लिए कर्ज ले सकते हैं।
सिडबी के जरिए मिलने वाला कर्ज सस्ता पड़ता है। वहीं, कर्ज के लिए ली जाने वाली गारंटी में एमएसएमईडी एक्ट-2006 के मुताबिक छूट मिलती है।
क्या है स्कीम
सिडबी की स्कीम ‘रिफाइनेंस फॉर स्मॉल रोड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स’ का लाभ ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर के कारोबार पर लिया जा सकता है। यह स्कीम खासतौर से छोटे ट्रांसपोटर्स के लिए बनाई गई है। इसके जरिए ऑपरेटर वाहन की चेसिस, उसकी बॉडी बनवाने, शुरुआती टैक्स भरने और बीमा आदि के लिए कर्ज मिलता है। इसके अलावा कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी के लिए भी कर्ज मिलता है।
किन वाहनों पर नहीं मिलेगा कर्ज
ट्रांसपोर्ट के कारोबार में आने वाले सभी तरह के वाणिज्यिक वाहनों के लिए सिडबी कर्ज देगा। हालांकि स्कीम का लाभ केवल छोटे कारोबारियों को ही मिलेगा। इसके अलावा स्कीम के जरिए मिलने वाला कर्ज केवल नए वाहनों पर ही मिलेगा। रोड ट्रांसपोर्ट के तहत पुराने वाहन स्कीम के लिए पात्र नहीं होंगे।
कौन हैं पात्र
स्कीम के तहत एमएसएमईडी एक्ट-2006 के तहत आने वाले छोटे कारोबारी आएंगे। मौजूदा कानून के तहत सर्विस सेक्टर में माइक्रो वर्ग के तहत 10 लाख रुपये तक उपकरण में निवेश करने वाले और स्मॉल वर्ग के तहत 10 लाख रुपये से लेकर दो करोड़ रुपये तक निवेश करने वाले कारोबारी आएंगे।
कैसे करें आवेदन
स्कीम का लाभ लेने के लिए रोड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को सिडबी के कार्यालय में अपने बिजनेस प्लान का खाका देना होगा। इसके बाद जरूरी स्वीकृति मिलने के बाद कर्ज लिया जा सकेगा। कारोबारी इसके लिए सिडबी के अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करने में भी सहयोग ले सकते हैं।