कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच विदेशी संस्थागत निवेशेकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली के दबाव में घरेलू शेयर बाजार दो महीने से ज्यादा की गिरावट पर बंद हुए।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 233.35 अंक टूटकर 18,540.80 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 77.40 अंक गिरकर 5,600 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे उतरकर 5,590.25 अंक पर सिमटा। यह 15 अप्रैल के बाद निफ्टी का सबसे निचला स्तर रहा।
बाजार में छोटी व मझोली कंपनियों के शेयरों में भी तगड़ी बिकवाली होने से बीएसई का मिडकैप 154.41 अंक फिसल कर 5,883.19 अंक पर और स्मॉलकैप 123.67 अंक घटकर एक वर्ष के न्यूनतम स्तर 5,593.63 अंक पर रहा।
बीएसई के विभिन्न वर्गों में रीयल्टी, कंज्यूमर डूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, पीएसयू, एफएमसीजी और पावर समेत सभी वर्ग में बिकवाली का जबर्दस्त दबाव रहा। बीएसई में कुल 2,400 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें 651 लाभ में और 1,635 नुकसान में रहे, बाकी 114 में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से महज छह लाभ में रहीं, जबकि बाकी को नुकसान उठाना पड़ा। जिंदल स्टील सबसे ज्यादा 1.44 फीसदी मुनाफे में रही, जबकि स्टरलाइट ने सबसे ज्यादा 3.91 फीसदी का नुकसान उठाया। सेंसेक्स में जिंदल स्टील के अलावा हिंडाल्को, टाटा पावर, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी और कोल इंडिया के शेयर 0.17 से 0.66 फीसदी के लाभ में रहे।
नुकसान उठाने वालों में स्टरलाइट, टाटा स्टील, बजाज ऑटो,एचडीएफसी बैंक, इनफोसिस, महिंद्रा, टाटा मेटर्स, हिन्दुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, एनटीपीसी, मारुति, रेड्डीज लैब, विप्रो, सिप्ला, सनफार्मा और आरआईएल के शेयर 0.21 से 3.23 फीसदी की गिरावट में रहे।