उत्तराखंड में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ की भयावहता के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की योजना बनाई है।
एनडीएमए के उपाध्यक्ष शशिधर रेड्डी ने सोमवार को बताया कि उत्तराखंड समेत देश के अन्य हिमालयी प्रदेश बारिश, बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ भूकंप के प्रभाव वाले क्षेत्र भी माने जाते हैं।
ऐसे में हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में अगर प्राकृतिक आपदा आए, तो हमारे पास इससे निपटने की पूरी व्यवस्था पहले से हो। हमने उत्तराखंड त्रासदी से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का फैसला किया है।
रेड्डी ने बताया कि इस आपदा से जुड़े सभी पहलुओं का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। कमियां उजागर कर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उपाए भी सुझाए जाएगंगे।
साथ ही आपदा के संदर्भ में सभी पक्षों की भूमिकाएं भी स्पष्ट की जाएंगी। एनडीएमए पहली बार इस तरह की पहल कर रही है।