रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक समीक्षा में एसएलआर में कटौती का निवेशकों में जबरदस्त उत्साह दिखा और उन्होंने लगातार दूसरे सत्र लिवाली की। इसके चलते बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 173.74 अंक की उछाल के साथ 24,858.59 के नए रिकॉर्ड पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 53.35 अंक चढ़कर 7,400 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर 7,415.85 अंक पर रहा। रिजर्व बैंक द्वारा वैधानिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में आधा फीसदी की कटौती से बैंकिंग तंत्र में करीब 40,000 करोड़ रुपये की नकदी का प्रवाह होगा।
ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील समूहों के साथ ही मेटल और कैपिटल गुड्स वस्तु क्षेत्र की कंपनियों में तगड़ी लिवाली हुई। मझोली कंपनियों की तुलना में छोटी कंपनियों में लिवाली का अधिक जोर दिखा।
महंगाई के चलते नहीं किए कुछ जरूरी बदलाव
रिजर्व बैंक ने महंगाई का हवाला देते हुए रेपो रेट, सीआरआर और बैंक दर में कोई बदलाव नहीं किया। लेकिन, पूंजी उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से एसएलआर में 0.50 फीसदी की कटौती की। सेंसेक्स 45 अंक की तेजी लेकर 24,729.22 पर खुला।
इसके बाद बिकवाली का दबाव बना और यह 24,626.97 अंक तक लुढ़का, लेकिन रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति जारी होने के बाद शुरू हुई लिवाली अंतिम सत्र तक बनी रही और यह 24,892.06 अंक के उच्चतम स्तर तक गया। आखिर में यह 173.74 अंक चढ़कर अब तक रिकॉर्ड स्तर 24,858.59 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में बढ़त में रहने वालों में टाटा स्टील 6.69 फीसदी, एसएसएलटी 6.53, कोल इंडिया 5.29, ओएनजीसी 4.40, भेल 3.40, हिंडाल्को 3.33, एनटीपीसी 3.14 और हीरो मोटोकार्प 2.96 फीसदी के साथ शामिल है। गिरावट में रहने वालों में डॉ. रेड्डीज 3.15 फीसदी, गेल 2.07 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनि 1.51, आईटीसी 1.16 फीसदी के साथ शामिल रहे।