इराक में भड़की हिंसा में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका में हुई मुनाफावसूली से घरेलू बाजार भारी गिरावट का शिकार हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 348.04 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 107.80 अंक लुढ़क गया। साढे़ चार महीने में सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट है।
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घरेलू स्तर पर औद्योगिक उत्पादन के अप्रैल में 13 महीने के उच्चतम स्तर और खुदरा महंगाई के तीन महीने के निचले स्तर पर आने से उत्साहित निवेशकों की लिवाली के बल पर करीब 100 अंकों की तेजी के साथ खुला, लेकिन बाद में इराक की हिंसा से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका में मुनाफावसूली शुरू होने से यह 25,171.61 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया।
अंत में पिछले कारोबारी दिवस के 25576.21 अंक की तुलना में 348.04 अंक की गिरावट के साथ 25,228.17 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 107.80 अंक गिरकर 7,542.10 अंक पर रहा। इराक में हिंसा भड़कने और वहां के चार प्रमुख शहरों पर विद्रोहियों के कब्जा करने के बाद अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका का असर विदेशी बाजारों पर भी दिखा। अमेरिकी और यूरोपीय बाजार गिरावट में खुले।
बीएसई के सेंसेक्स के मुकाबले मझोली और छोटी कंपनियों में मुनाफावसूली का दबाव अधिक देखा गया। बीएसई में कुल 3,169 कंपनियों के शेयर में कारोबार हुआ, जिनमें से 935 लाभ में रहे और 2,166 को जबरदस्त नुकसान हुआ, जबकि 68 में कोई बदलाव नहीं हुआ। आईटी को छोड़कर शेष सभी समूह लाल निशान पर रहे।
रीयल्टी समूह को सबसे अधिक 5.24 फीसदी का झटका लगा। नुकसान उठाने वाले प्रमुख शेयरों में एक्सिस बैंक 4.48, हीरो मोटोकॉर्प, टाटा स्टील, एनटीपीसी, हिंडाल्को, गेल इंडिया, एसबीआई, टाटा पावर, मारुति, भेल, टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, ओएनजीसी, कोल इंडिया, रिलायंस, सेसा स्टरलाइट, टीसीएस, बजाज ऑटो, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, विप्रो और सिप्ला 0.24 शामिल रहे। सेंसेक्स में गिनेचुने शेयरों ने ही मुनाफा कमाया। इनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेड्डीज लैब, इनफोसिस और महिंद्रा शामिल रहे।