बाजार नियामक सेबी ने निवेश सलाहकारों को सेबी के पास अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराने के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही निवेश सलाहकारों को उन सभी मसलों का खुलासा भी करना होगा, जिनसे हितों में टकराव हो सकते हैं। अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए दिशानिर्देशों के तहत निवेश सलाहकारों जैसे बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और निगमों को अपनी निवेश सलाहकार सेवाओं को अन्य गतिविधियों से अलग करना होगा। निवेश सलाहकारों को एक विशेष वित्तीय उत्पाद पर अपनी सलाह की एवज में मिले शुल्क का भी खुलासा करना होगा।
प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि वित्तीय उत्पादों पर सलाह सेवाएं देने वाली सभी इकाइयों को बाजार नियामक के पास अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा, निवेश सलाहकारों को अपनी इस गतिविधि को वितरण जैसी अन्य गतिविधियों से अलग करना होगा।
एक निवेश सलाहकार बनने के लिए कॉरपोरेट निकायों का न्यूनतम 25 लाख रुपये निवल मूल्य होना चाहिए, जबकि व्यक्तियों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये होगी। सेबी ने जारी अधिसूचना में कहा है कि निवेश सलाहकार से तात्पर्य ऐसे व्यक्ति से है, जो धन कमाने के उद्देश्य से ग्राहकों, अन्य व्यक्तियों और व्यक्तियों के समूह को निवेश सलाह के काम में लगा है। बाजार नियामक ने जरूरी पूंजी अनिवार्यता के दिशानिर्देशों को पूरा करने के लिए 1 साल का समय दिया है।