रिजर्व बैंक गवर्नर डी. सुब्बाराव मौजूदा घरेलू और ग्लोबल आर्थिक हालातों पर चर्चा के लिए बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात कर सकते हैं। रिजर्व बैंक द्वारा 29 जनवरी को पेश की जाने वाली तीसरी तिमाही की मौद्रिक समीक्षा से पहले संभावित इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरबीआई गवर्नर और वित्त मंत्री के बीच बृहस्पतिवार को बैठक होने की संभावना है। औद्योगिक उत्पादन में तेजी लाने के लिए उद्योगों की ओर से ब्याज दरों में कमी करने की भारी मांग की जा रही है। वहीं, महंगाई को मुख्य चिंता बताते हुए रिजर्व बैंक ने पिछले साल अप्रैल से ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। हालांकि, दिसंबर की मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक ने जनवरी से रेपो रेट में कटौती करने के संकेत दिए थे।
अस्थिर सरकार सुधारों में सबसे बड़ा रोड़ा
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने चिंता जताई है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद अगर केंद्र में अस्थिर सरकार बनती है, तो यह आर्थिक सुधारों की दिशा में सबसे बड़ा झटका साबित होगा। इसके साथ ही उन्होंने सुधारों को जारी रखने पर सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए पेंशन और बीमा विधेयक आगामी बजट सत्र में पेश किए जाने की बात भी कही। उन्होंने हाल में गठित की गई निवेश संबंधी कैबिनेट कमेटी (सीसीआई) द्वारा निवेश परियोजनाओं में तेजी लाने की बात कही। साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के जरिये इन्फ्रा सेक्टर की परियोजनाओं में तेजी आने का भी भरोसा जताया।