भारतीय स्टेट बैंक ने कार लोन लेने के लिए सालाना आय सीमा घटा दी है। बैंक अब तीन लाख रुपये सालाना कमाई करने वाले ग्राहकों को भी कार लोन देगा। इसके पहले कार मेंटेनेंस महंगा होने का हवाला देते हुए बैंक ने अगस्त 2013 में सालाना आय की सीमा न्यूनतम छह लाख रुपये कर दी थी।
बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकारी और निजी क्षेत्रों में वेतन में कई सारे अलग से मद होते हैं। जिस कारण पहले बैंक ने जो छह लाख रुपये की सीमा तय की थी, उसमें बदलाव किया है।
बैंक अब सभी तरह के वेतन भोगी कर्मचारियों को कर्ज देगा, जिनकी नेट (शुद्ध) सालाना आय तीन लाख रुपये है। स्वरोजगार करने वाले, प्रोफेशनल आदि के लिए कुल सालाना आय सीमा चार लाख रुपये कर दी है। इसी तरह किसान आदि के लिए भी शुद्ध आय सीमा चार लाख रुपये है।
कार लोन के लिए 6 लाख आय गई थी जरूरी
बैंक ने इससे पहले 26 अगस्त 2013 से कार लोन के लिए सालाना आय की सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दी थी।
इसके कुछ दिनों बाद बैंक ने नियमों में बदलाव कर केंद्रीय कर्मियों, सार्वजनिक उपक्रमों, सेना, अर्द्धसैनिक बलों, रेलवे के कर्मचारियों के लिए सालाना छह लाख रुपये की पात्रता को घटाकर चार लाख रुपये कर दिया था।
इसमें यह शर्त शामिल थी की पात्र कर्मचारियों का वेतन खाता एसबीआई में होना चाहिए।
एसबीआई का झटका
देश के दूसरे प्रमुख सरकारी बैंकों में कार लोन के लिए सालाना आय की सीमा अभी 20 हजार रुपये प्रतिमाह है। ऐसे में एसबीआई एक बार फिर उन्हीं बैंकों के समान आकर अपनी बाजार में हिस्सेदारी को मजबूत करना चाहता है।
एसबीआई में दूसरी शाखा से रुपये जमा करना महंगा हो जाएगा। बैंक 8 मार्च से ग्राहकों से मूल शाखा के अलावा दूसरी शाखा से रुपया जमा करने पर 50 रुपये न्यूनतम शुल्क लेगा।