सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के 27 हजार करोड़ की राशि लौटाने के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सहारा समूह को बुधवार तक का समय दिया है। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मंगलवार को सहारा को इसका जबाव देने के लिए एक दिन और मोहलत दी। सहारा समूह ने इस मसले पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी।
सहारा समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने खंडपीठ के सामने समय बढ़ाने का अनुरोध किया। इस पर न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। सहारा समूह को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ही निर्देश दिया था कि वह निवेशकों का धन लौटाने के मसले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
शीर्ष अदालत ने आदेश के बावजूद निवेशकों को धन लौटाने के मामले में ढुलमुल रवैये को लेकर सहारा समूह को फटकार लगाई थी। इसके साथ ही सहारा इंडिया रीयल इस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को मंगलवार को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्या वे एक सप्ताह के भीतर निवेशकों को उनकी सारी रकम लौटा सकेंगे।
शीर्ष अदालत के आदेश पर अमल नहीं करने के चलते खंडपीठ ने पहले सहारा समूह की अपील पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। बाद में न्यायालय निवेशकों का धन लौटाने के सवाल पर सहारा समूह के अनुरोध को सुनने के लिए तैयार हो गया था।