रिजर्व बैंक के गवर्नर डी. सुब्बाराव द्वारा अर्थव्यवस्था की धुंधली तस्वीर दिखाए जाने से आशंकित मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 21 पैसे लुढ़क कर 10 माह के निचले स्तर 56.38 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले दिवस यह 56.17 के स्तर पर रहा था।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और रोजगार के आंकड़ों में स्थिरता आने से फेडरल रिजर्व राहत पैकेज को जल्द वापस लेने पर विचार कर सकता है।
इस धारणा के चलते विदेशी बाजारों में डॉलर अन्य प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में मजबूत हुआ। रुपये में लगातार तीसरे दिन गिरावट रही।
रुपये ने शेयर बाजारों में हुए 14 करोड़ डॉलर के पूंजी प्रवाह को भी दरकिनार किया। मुद्रा बाजार के डीलरों का कहना है कि रिजर्व बैंक द्वारा बाजार में हस्तक्षेप की संभावना कम दिखाई दे रही है।
अंतर बैंकिंग बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को थोड़ा सुधरकर 56.15 के स्तर पर खुला। बीच सत्र में यह 56.04 के उच्चतम और 56.39 के न्यूनतम स्तर तक गया।
आरबीआई गवर्नर सुब्बाराव की टिप्पणी के बाद मुद्रा बाजार में गिरावट आई और आखिर में 21 पैसे गिरकर 56.38 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।