चालू खाता घाटे में तेजी से हुए सुधार और शेयर बाजारों की मजबूती ने रुपये को मजबूती प्रदान की। मुद्रा बाजार में डॉलर की तुलना में रुपया 53 पैसे सुधरकर 60.19 पर बंद हुआ।
पिछले दिन रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 60.72 पर रहा था। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में रिकवरी आगे बनी रहेगी, अभी यह नहीं कहा जा सकता है।
अंतर बैंकिंग मुद्रा बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया रिकवरी के साथ 60.45 पर खुला। बीच सत्र में यह 60.63 के निचले और 60.10 के उच्चतम स्तर तक रहा। आखिर में पिछले सत्र के मुकाबले 53 पैसे मजबूत होकर 60.19 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
नोमूरा के इंडिया इकोनॉमिस्ट सोनल वर्मा का कहना है कि तय समय से दो दिन पहले जारी किए गए चालू खाता घाटा के आंकड़ों से स्पष्ट है कि रिजर्व बैंक रुपये के मुकाबले डॉलर के 60 के पार जाने के बाद से नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
अल्परी फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) के सीईओ प्रमित ब्रह्मभट्ट का कहना है कि घरेलू शेयर बाजारों में डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त के चलते रुपया पिछली गिरावट से रिकवरी करने में सफल रहा। रुपये के 59.90-60.60 के बीच में रहने की संभावना है।
मई से लेकर अब तक रुपये में करीब 12 फीसदी का अवमूल्यन हो चुका है। रुपये में हुई रिकवरी के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि रुपया आगे और निचले स्तर तक जा सकता है, इससे अभी इनकार नहीं किया जा सकता है।