फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होम-कार लोन आज फिर हो सकता है महंगा

Wed, 18 Dec 2013 01:51 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
बेकाबू महंगाई ने एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक के लिए कर्ज सस्ता करने के रास्ते बंद कर दिए हैं।
विज्ञापन


महंगाई दर को देखते हुए रिजर्व बैंक बुधवार को पेश होने वाली मध्य तिमाही समीक्षा नीति में रेपो रेट बढ़ाकर बैंकों के लिए पूंजी जुटाना महंगा कर सकता है। जिसका असर आम आदमी से लेकर उद्योग जगत के लिए कर्ज महंगा होने के रूप में हो सकता है।

बैंकर्स के अनुसार नवंबर में थोक मूल्य सूचकांक पिछले 14 महीने के उच्चतम स्तर 7.52 फीसदी पर पहुंच गया है। इसी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक नौ महीने के उच्चतम स्तर 11.24 फीसदी पर है। ऐसी परिस्थिति में आरबीआई के लिए रेपो रेट बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं है।
विज्ञापन


क्रिसिल के अर्थशास्त्री डी.के.जोशी ने अमर उजाला को बताया कि महंगाई दर को देखते हुए इस बात की पूरी संभावना है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा। जहां तक इसका असर बैंकों द्वारा कर्ज महंगा करने पर है, तो तरलता की स्थिति को देखते हुए बैंकों के लिए यह करना आसान नहीं होगा।

आईडीबीआई बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बाजार और उद्योग जगत इस बात को पूरी तरह से मान चुके हैं, कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा। हालांकि हो सकता है कि आरबीआई थोड़ा आश्चर्य जनक कदम उठाते हुए दरों में कोई बदलाव अभी न करे। जहां तक बैंकों द्वारा कर्ज महंगा करने की बात है, तो अभी तक की ग्रोथ और चौथी तिमाही को देखते हुए कर्ज महंगा करने के आसार कम हैं।

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के अर्थशास्त्री इंद्रनील सेन गुप्ता के अनुसार महंगाई की स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करेगा। यहीं नही ऐसी स्थिति में रिजर्व बैंक जनवरी में भी रेपो रेट 0.25 फीसदी बढ़ा सकता है। ऐसा इसलिए हैं कि रिजर्व बैंक अभी तक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ग्रोथ को प्राथमिकता नहीं दे रहा है।
विज्ञापन


रघुराम राजन दो बार पहले बढ़ा चुके हैं रेपो रेट
सितंबर में आरबीआई गवर्नर के रूप में पदभार ग्रहण करने वाले रघुराम राजन की प्राथमिकता पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव की तरह महंगाई ही है। ऐसे में वह महंगाई को नियंत्रित करने के लिए दो बार रेपो रेट में बढ़ोतरी कर चुके हैं। मौजदा परिस्थिति में रिकार्ड स्तर पर पहुंची महंगाई को देखते हुए रेपो रेट में बढ़ोतरी की ही संभावना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें