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रेपो रेट में कटौती, कर्ज सस्ता होने की उम्मीद

Tue, 19 Mar 2013 03:07 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है। इस कटौती के बाद रेपो रेट 7.5 प्रतिशत हो गई।
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साथ ही आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में 0.25 और बैंक दर में एक चौथाई फीसदी की कमी की है। हालांकि सीआरआर (4 फीसदी) में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

कर्ज सस्ता होने की उम्मीद बढ़ी
रेपो रेट में कमी से कर्ज सस्ता होने की उम्मीद बढ़ गई है। उदाहरण के तौर पर अगर आपने 20 लाख रुपये का लोन 15 साल के लिए ले रखा है तो आपकी ईएमआई में करीब 312 रुपये कम हो जाएगी।

आरबीआई ने ऊंची महंगाई दर पर चिंता जताते हुए कहा कि अब दरों में और कटौती की गुंजाइश नहीं है। उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी को आरबीआई ने रेपो रेट और सीआरआर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।
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क्या है रेपो रेट?
जब दूसरे बैंक रिजर्व बैंक से कर्ज लेते हैं और कर्ज के लिए जो ब्याज देते हैं उसे रेपो रेट कहा जाता है। रेपो रेट कम होने से बैंकों के लिए आरबीआई से कर्ज लेना सस्ता हो जाता है।
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क्या है रिवर्स रेपो रेट?
रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर रिजर्व बैंक को कमर्शियल बैंक कर्ज देता है। इसमें इजाफे का मतलब होता है कि रिजर्व बैंक बैंकों से ऊंची दरों पर धन लेना चाहता है। ऐसा करके रिजर्व बैंक बाजार में तरलता बढ़ने से रोकता है।

क्या है सीआरआर?
सभी बैंकों के लिए जरूरी होता है कि वह कुल नकद का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास जमा रखें। इसे नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) कहते हैं।
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