कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर उदय कोटक का कहना है कि रिजर्व बैंक अगले साल जनवरी-जून तिमाही में ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। जनवरी से पहले दरों में कटौती मुमकिन नहीं है, क्योंकि महंगाई अभी भी उच्च स्तर पर है।
कोटक ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मेरा अभी भी यह मानना है, कि अगले साल की पहली छमाही में ही हमें रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती दिखाई दे सकेगी। खुदरा महंगाई दर में तेल एवं एनर्जी का भारांश थोक महंगाई से काफी कम है।
कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने का असर कई उत्पादों पर दिखाई देगा। अभी भी हम 6 फीसदी की खुदरा महंगाई दर के स्तर से काफी दूर हैं, 2016 तक खुदरा महंगाई के इस स्तर पर आने की उम्मीद है।
अगस्त में थोक महंगाई दर तेजी से गिरकर पांच साल के निचले स्तर 3.74 फीसदी पर आ गई। सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट आई है। जुलाई में थोक महंगाई 5.19 फीसदी और अगस्त 2013 में 6.99 फीसदी पर थी। महंगाई के उच्च स्तर को देखते हुए रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में यथास्थिति को बरकरार रखा है।
बैंकों के लिए जन-धन योजना अच्छा अवसर
नई दिल्ली (ब्यूरो)। कोटक महिंद्रा बैंक के वाइस चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर उदय कोटक ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई जन-धन योजना वित्तीय दबाव झेल रहे भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए एक अच्छा अवसर है। कोटक ने इसे शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी की। उदय कोटक ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बैंकिंग इंडस्ट्री इस समय खासा दबाव में है। भारत सरकार की जन-धन योजना में एक व्यापक दृष्टिकोण है, लेकिन इसका कार्यान्वयन बहुत जरूरत है। वित्तीय समावेशन के लिए समाज और अन्य लोगों का सहयोग जरूरी है। अकेले बैंक पूरे समाज को आर्थिक रूप से समावेशी नहीं बना सकते हैं। लेकिन, जन-धन योजना ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर को एक जबरदस्त अवसर दिया है।