रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कम ब्याज दरों के दौर की वापसी से बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है और ऐसा बेहद सावधानी से किया जाना चाहिए।
2008 में वैश्विक मंदी का अंदाजा लगाने वाले राजन इस बात से भी चिंतित हैं कि लंबे समय तक पूंजी की कीमत से छेड़छाड़ निवेश के फैसले और अर्थव्यव्स्था की प्रकृति को विकृत कर देता है।
राजन ने टाइम मैगजीन को बताया कि मैं इस मामले में अमेरिका के फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के साथ हूं। फेडरल रिजर्व बैंक के अधिकारियों का भी कहना है कि कम ब्याज दरों को एक बार में वापस लाने के बजाए इसे सावधानी से वापस लाया जाना चाहिए।
उनसे पूछा गया था कि क्या कम ब्याज दरों के दौर की वापसी महंगी पड़ सकती है। यह पूछे जाने पर क्या लंबे समय तक कम ब्याज दरों के दौर का मतलब संकट है, राजन ने कहा कि मेरा मानना है कि मौद्रिक नीति कुछ हद तक काम कर सकती है और एक निश्चित बिंदु के बाद यह अच्छा करने के बजाए ज्यादा नुकसान करती है।