जल्द ही ट्रेनों में प्लास्टिक के कप, गिलास का इस्तेमाल अतीत की बात होगी। रेलवे की अपनी कैटरिंग से प्लास्टिक के सामानों को हटाने की योजना है। इसकी जगह मंत्रालय कृषि आधारित और रिसाइकिल्ड कागज का उपयोग करेगा।
रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने अपने बजट भाषण में रेलवे की कैटरिंग में प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया। यह कदम रेलवे के पर्यावरण की रक्षा और निरंतर विकास को बढ़ावा देने के तहत उठाया गया है।
बंसल ने कहा कि रेलवे पर्यावरण सुरक्षा, सतत विकास और ऊर्जा बचाने वाली प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर रेलवे की सौर और पवन ऊर्जा क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए ऊर्जा प्रबंधन कंपनी स्थापित करने की भी योजना है। बंसल ने 75 मेगावाट क्षमता वाले पवन चक्की संयंत्र स्थापित करने तथा 1000 रेलवे फाटकों पर सौर ऊर्जा की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव किया।