रेलवे देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न और ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को भी रेल पास की सुविधा देगा। इन पुरस्कारों से सम्मानित खिलाड़ी प्रथम और द्वितीय श्रेणी एसी के पास के हकदार होंगे। अभी तक यह लाभ केवल अर्जुन और द्रोणाचार्य से पुरस्कृत खिलाड़ियों को मिलता था।
रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने यह घोषणा रेल बजट में की। ओलंपिक पदक विजेताओं व द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों को अब शताब्दी व राजधानी गाड़ियों का पास मिल सकेगा लेकिन इन दोनों ही ट्रेनों में सफर करने की सुविधा से राजीव गांधी खेल रत्न व ध्यानचंद अवार्डियों को दूर रखा गया है।
हालांकि सच्चाई यह भी है कि देश में जितने भी राजीव गांधी खेल रत्न अवार्डी हैं, उनमें से एक भी ऐसा नहीं है जिसे अर्जुन अवार्ड नहीं मिला हो।
रेल मंत्री ने पदक विजेताओं को एक और खुशखबरी दी है। जो पदक विजेता राजधानी व शताब्दी में पास के हकदार होंगे, उन्हें दूरंतो गाड़ियों में भी सफर करने की अनुमति होगी।
इससे पहले रेल मंत्री ने लंदन ओलंपिक में रेलवे का परचम फहराने वाले सुशील कुमार के लगातार दो पदक जीतने का उल्लेख करते हुए खेल मंत्रालय की ओर से रेलवे को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2012 दिए जाने का भी उल्लेख किया।