मोदी सरकार अगले महीने पेश होने जा रहे रेल बजट में जनता को हाई स्पीड ट्रेन, विशेष रेल सेफ्टी फंड तथा डायमंड चतुर्भुज जैसे देश को सीधे जोड़ने वाली योजना का तोहफा देने जा रही है।
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने वित्तमंत्री से मुलाकात करके इन योजनाओं के लिए अलग से बजटीय सहायता की मांग की है। वित्त मंत्रालय से सकारात्मक संकेत मिलने से रेलवे बजट में इन योजनाओं को शामिल किया जाना तय माना जा रहा है।
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा व रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा व रेलवे बोर्ड के चेयरमैन तथा कुछ अन्य अफसरों ने दोपहर बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर उन्हें रेलवे बजट की नवोन्मेषी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
इस मुलाकात में नई परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के तरीके पर भी बातचीत हुई। वित्त मंत्रालय से रेलवे ने जहां अतिरिक्त फंड मांगा है, वहीं कुछ योजनाओं के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तथा प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) के माध्यम से भी धन जुटाने की बात हुई है।
रेलवे की है खास प्लानिंग
काकोदकर कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप रेलवे में सुरक्षा प्रावधानों को लागू करने के लिए रेल मंत्रालय विशेष सेफ्टी फंड की घोषणा भी इस बजट में कर सकता है। इस फंड के लिए भी वित्त मंत्रालय से बजटीय सहायता मांगी गई है।
रेलमंत्री ने बताया रेलवे नेशनल प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूरा कराने पर जोर दे रहा है। नेशनल प्रोजेक्ट को पूरा करने केलिए भी वित्त मंत्रालय से अतिरिक्त फंड देने का अनुरोध किया गया है। सदानंद गौड़ा ने बताया कि वित्तमंत्री ने अधिकांश मांगों पर सकारात्मक संकेत दिया है।
अगले बजट में रेलवे मानव रहित रेलवे क्रासिंग को पूरी तरह समाप्त करने के लिए भी विशेष योजना ला सकता है। इसके अलावा उत्तर भारत में कोहरे से ट्रेनों के संचालन में होने वाली बाधा को दूर करने की तकनीक पर भी इस बार बजट में विशेष प्रावधान व तकनीक के बारे में घोषणा की जा सकती है।
मोदी से मिलकर किराया वृद्धि
रेलमंत्री सदानंद गौड़ा बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रेल किराया व भाड़ा में वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकते हैं। रेलमंत्री सदानंद गौड़ा ने बताया कि वे जल्द ही प्रधानमंत्री से इस बारे में मुलाकात करेंगे।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक है। सूत्रों के अनुसार बैठक के उपरांत रेलमंत्री अलग से प्रधानमंत्री से इस बारे में चर्चा कर सकते हैं। चूंकि किराया बढ़ाने का मामला आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए कैबिनेट के कुछ सहयोगियों से भी इस बारे में अनौपचारिक बातचीत होगी।
पीएम से मुलाकात के बाद ही रेलमंत्री किराया बढ़ाने के बारे में अंतिम फैसला लेंगे। रेलवे सूत्रों का दावा है कि एक वर्ग चाहता है कि किराये में वृद्धि का आदेश बजट में न शामिल करके उससे पहले ही कर दिया जाए।