रेल बजट में कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों का भी खास ख्याल रखा गया है। कर्मचारी क्वार्टरों के लिए रेलमंत्री ने 300 करोड़ रुपये मुहैया करवाकर निधि के आवंटन में पिछले वर्ष की तुलना में 50 फीसदी का इजाफा किया है। इसके अलावा महिला कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, लोको-पायलटों के लिए विशेष व्यवस्थाओं के प्रस्ताव के साथ सभी शहरों में मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज की सुविधा भी कर्मचारियों को रेलवे दिलाएगी।
रेलमंत्री ने साफ किया कि कर्मचारी क्वार्टर के निर्माण में धन के आभाव में बाधा आई थी। इनके निर्माण को शहरी विकास मंत्रालय के पीपीपी मॉडल को अपनाकर सफल बनाया जाएगा। रेल बजट में सभी मंडल मुख्यालयों पर अकेली रहने वाली महिला कर्मचारियों को रेलवे द्वारा हॉस्टल सुविधा मुहैया कराने का प्रस्ताव भी है।
सभी ऐसे शहरों में जहां अस्पताल या तो सीजीएचएस के साथ या रेलवे के साथ पैनलबद्ध हैं। वहां आरईएलएचएस लाभार्थियों को मेडिकल इमरजेंसी के समय इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
रेलवे ने सुरक्षा बल कर्मियों के लिए रहने की बेहतर व्यवस्था करने के लिए बैरकों की स्थिति में सुधार भी करेगी। साथ ही तनाव से जूझ रहे लोको-पायलटों, खासकर कड़ी मौसमी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लोकोमोटिव कैबों में वाटर क्लोसेट्स और एयर कंडीशन उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।