मोबाइल कंपनियों ने ग्राहकों की जेब काटने के नए तरीके खोज लिए हैं। इन दिनों ग्राहकों को अपना प्रीपेड कनेक्शन पोस्टपेड में बदलवाने के ढेरों फोन आ रहे हैं।
ग्राहकों को सस्ती कॉल दरों का लालच देकर कंपनियां अपने चंगुल में फंसा रही हैं। दरअसल, चंगुल में फंसने वाले ग्राहकों के लिए पोस्ट पेड कनेक्शन परेशानी का सबब बन गया है।
सबसे पहले तो कंपनी और प्लान बदलने में लगने वाले लंबे वक्त की सिरदर्दी से ग्राहकों को जूझना पड़ रहा है और अगर नंबर पोर्ट हो जाता है तो फिर नई सेवा कंपनी का भारी भरकम बिल देखकर पसीने छूट जाते हैं।
सस्ती कॉल दरों के कंपनियों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई के पास इस तरह की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। मगर इस दिशा में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे कंपनियों पर लगाम कसी जा सके।
नोएडा के अंकुश को हाल में एयरटेल की ओर से फोन आया कि अगर वे अपना वोडाफोन प्रीपेड कनेक्शन को एयरटेल पोस्ट पेड प्लान में बदल देंगे तो आपका मोबाइल खर्च लगभग आधा हो जाएगा। साथ ही रोमिंग शुल्क भी सिर्फ 70 पैसे लगेंगे।
सबसे पहले तो सेवा कंपनी बदलने में ही 10 से 15 दिन लग गए। सेवा शुरू हुई तो उन्हें कहा गया कि आपको जो प्लान बताया गया था वह बदल गया है। अब सेवा महंगी हो गई है। इसलिए आपको ज्यादा पैसे अदा करने पड़ेंगे। अंकुश जैसे ही काफी संख्या में ग्राहक कंपनियों की बातों में फंस रहे हैं।