हर परिवार को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री ‘जन धन योजना’ पूरे देश में जोर-शोर से बृहस्पतिवार को लॉन्च कर दी गई।
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पहले ही दिन सरकार ने दावा किया है कि पूरे देश में 1.5 करोड़ लोगों के बैंक खाते खोले गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 68 साल बाद भी हम 68 फीसदी लोगों तक बैंकिंग सेवाएं नहीं पहुंचा सके हैं।
जन-धन योजना के जरिए हम सीधे देश के वंचित आबादी को अर्थव्यवस्था के पहिए से जोड़ेंगे। गरीब को आर्थिक छूआछूत से मुक्ति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जब हर आदमी के पास बैंक खाता होगा, तो उसे सूदखोरों और कर्ज के जंजाल से मुक्ति मिलेगी। इस कदम से गरीबों को गरीबी से लड़ने में मदद मिलेगी।
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'48 फीसदी लोगों के पास बैंक खाता नहीं'
सरकार इन खातों के जरिए जहां लोगों को एक लाख रुपये की दुर्घटना बीमा का लाभ दे रही है। वहीं 26 जनवरी 2015 से पहले खाता खुलवाने पर एक लाख रुपये के अलावा 30 हजार रुपये का अतिरिक्त जीवन बीमा लाभ भी दे रही है।
मोदी सरकार 26 जनवरी 2015 तक देश के 7.5 करोड़ परिवारों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की तैयारी में है। इसके जरिए वह खाताधारक के खातों में सीधे नकद सब्सिडी भी पहुंचाना चाहती है।
इस मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि देश के 10 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास बैंक खाता नहीं है। इस योजना को सफल बनाने के लिए सात लाख बैंक कर्मचारियों को ई मेल कर के जानकारी दी गई है।
केंद्र सरकार के सभी मंत्री, राज्य सरकारों के मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और दूसरे सभी लोगों ने एक साथ पूरे देश में मिलकर इस अभियान को शुरू किया है। सरकार ने पहले दिन एक करोड़ लोगों के खाते खोलने का लक्ष्य रखा था, जो कि उससे ज्यादा पार कर पहले दिन ही 1.5 करोड़ तक पहुंच गया है।
इस योजना में क्या है खास?
जनवरी 2015 तक सरकार 7.5 करोड़ खाते खोलेगी। जबकि साल 2018 तक हर परिवार में कम से कम दो लोगों का खाता होगा। कुल 15 करोड़ खाते खोले जाएंगे। इसके तहत वह लोग शामिल होंगे, जिनके पास एक भी बैंक खाता नहीं है।
क्या मिलेगी सुविधा? -- जीरो बैलेंस पर आप खाता खोल सकेंगे -- रु-पे आधारित डेबिट कार्ड भी मिलेगा -- खाता खोलने पर एक लाख रुपये का दुर्घटना बीमा मिलेगा -- 26 जनवरी 2015 से पहले खाता खोलने पर 30 हजार रुपये का अतिरिक्त जीवन बीमा लाभ भी मिलेगा -- 6 महीने बाद 5,000 रुपये की ओवरड्रॉफ्ट सुविधा मिलेगी -- कर्ज की भी सुविधा मिलेगी -- दूसरे चरण में पेंशन और माइक्रो इंश्योरेंस उत्पाद की सुविधा
क्यों है योजना जरूरी? -- देश में 10 करोड़ लोगों के पास बैंक खाते की सुविधा नहीं -- आजादी के 68 साल बाद भी 68 फीसदी जनसंख्या के पास बैंक खाता नहीं -- सीधे पैसा ट्रांसफर से भ्रष्टाचार से लड़ने में मिलेगी मदद
कैसे खुलेगा खाता? बैंकों ने देश भर में 600 केंद्रों पर 77 हजार से ज्यादा कैंप लगाए हैं। इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे। आप अपने आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, वोटरआईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर किसी सरकारी संस्थान के आई कार्ड के जरिए खाता खुलवा सकेंगे।
यदि कोई सरकारी दस्तावेज नहीं हैं, तो खुद बैंक अधिकारी के सामने स्वहस्ताक्षरित प्रमाण पत्र या अंगूठा लगवाकर भी खाता खुलवा सकते हैं। किसी भी जगह का निवास स्थान पत्र खाता खोलने के लिए पर्याप्त होगा।
अब आप सामान्य फीचर वाले मोबाइल से भी बैंकिंग सेवाएं ले सकेंगे। इससे खाते की राशि का ट्रांसफर, खाते में बैलेंस की जानकारी आदि प्राप्त की जा सकेगी यानी मोबाइल बैंकिंग के लिए स्मार्ट फोन की जरूरत नहीं होगी।
खाता खुलवाने का बन सकता है रिकॉर्ड बैंकों द्वारा एक ही दिन में 1.5 करोड़ बैंकिंग खाते खोलना आने वाले दिनों में एक रिकार्ड कायम कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लांच के मौके पर कहा है कि यह एक ऐतिहासिक कदम है।
योजना का नाम और लोगो देने पर मिले पुरस्कार हर घर को बैंकिंग सेवा देने वाली योजना का क्या नाम और लोगो हो, इसको लेकर मोदी सरकार ने एक प्रतियोगिता आयोजित की थी। जिसके तहत बंगलूरू की प्रिया शर्मा को लोगो देने के लिए 25 हजार रुपये का पुरस्कार मिला है।
वहीं महाराष्ट्र की सोनिया चौहान, चेन्नई के अजीत गुरूनाथन और लखनऊ के संजय तिवारी को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र जन-धन नाम सुझाने के लिए दिया गया है।