महंगाई से जूझ रही जनता के लिए एक और झटका लगा है। अभी पिछले ही दिनों की रसोई गैस कीमतों में 3.70 रुपए की बढ़ोतरी की थी।
सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में 40 पैसे प्रतिलीटर की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं डीजल की कीमतों में 10 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इससे पहले सरकार एलपीजी गैस सिलेंडर के डीलरों का कमीशन बढ़ा चुकी है।
इससे पहले महंगाई भी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। पिछले 14 महीनों से लगातार जनता महंगाई से त्रस्त है। पर सरकार कुछ भी नहीं कर पा रही है।
पेट्रोल के दाम 41 पैसे प्रति लीटर बढ़े हैं। इसमें बिक्रीकर को शामिल नहीं किया गया। बढ़े हुई कीमत आज रात से बढ़ जाएगी।
पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के कारण लंबित पेट्रोल, डीजल पर डीलर कमीशन में इजाफे के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 41 पैसा प्रति लीटर बढ़ा दिया है।
तेल कंपनियों ने कहा है कि पेट्रोल पर डीलर के कमीशन में 22 पैसा प्रति लीटर के इजाफे और रुपए की कमजोरी के कारण दाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार आधी रात से लागू होने वाली नई दरों में वैट को शामिल नहीं किया गया है। वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीजल पर 10 पैसा प्रति लीटर कमीशन में इजाफा भी किया है। माना जा रहा है कि इसका बोझ भी डीजल की खुदरा कीमतों में जोड़ा जाएगा। यानी कमीशन में इजाफे की पूरी वसूली आम उपभोक्ताओं से की जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कमीशन में इजाफे की घोषणा करते हुए कहा है कि डीलरों का कमीशन बढ़ाना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। जबकि फेडरेशन ऑफ पेट्रोलियम ट्रेडर्स के महासचिव अजय बंसल ने कहा कि कई दफा पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद डीलरों के कमीशन नहीं बढ़े थे। इसलिए पिछले माह पेट्रोल पर 48 पैसा और डीजल पर 32 पैसा प्रति लीटर दाम बढ़ाने की मांग की गई थी।
जबकि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने पेट्रोल के दाम बढ़ाते हुए कहा है कि डीजल बिक्री पर कंपनी को 10.48 रुपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। जबकि बाजार मूल्य से कम कीमत पर ईंधनों की बिक्री से सरकारी तेल कंपनियों को 1,43,800 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में डीलरों को पेट्रोल पर 1रुपए 74 पैसा और डीजल पर 1 रुपए 07 पैसा प्रति लीटर कमीशन मिल रहा है। इससे पहले 26 अक्टूबर 2012 को डीजल के दाम बढ़ाए गये थे। जबकि 10 दिसंबर 2013 को एलपीजी डीलरों के कमीशन में 3.46 पैसा प्रति सिलेंडर का इजाफा किया गया था। इस वजह से घरेलू गैस के दाम साढ़े तीन रुपए प्रति सिलेंडर बढ़े थे।