फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एलयू में शुरू होगा सर्टिफिकेट इन अमेरिकन स्ट्डीज

Sat, 21 Dec 2013 08:53 AM IST
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स इन अमेरिकन स्ट्डीज शुरू होगा। 15 जनवरी से इसमें दाखिले शुरू किए जाएंगे।
विज्ञापन


अमेरिकन स्ट्डीज विषय पर हुई कार्यशाला में लविवि के कुलपति ने जानकारी दी कि एलयू अमेरिकन स्ट्डीज के लिए वेब पोर्टल तैयार करेगा।

इसमें कोर्स कंटेंट, एक्सपर्ट लेक्चर, वीडियो, अमेरिकी समाज, राजनीति और उससे जुड़ी हर जानकारी मुहैया कराई जाएगी।

इस वेब पोर्टल का उपयोग भारत के अलावा दक्षिण एशियाई देशों में भी अमेरिकन स्ट्डीज के बारे में जानकारी देने के लिए प्रमुखता से किया जाएगा। इसे तैयार करने में अमेरिकी दूतावास आर्थिक मदद भी करेगा।

लखनऊ विश्वविद्यालय के टैगोर हॉल में अमेरिकन स्ट्डीज विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

अमेरिकी दूतावास के पब्लिक अफेयर्स अफसर (नार्थ इंडिया) जोशुआ डब्ल्यू पोलाचेक ने कार्यक्रम में कहा कि वेब पोर्टल बनने से स्टूडेंट व शिक्षकों को काफी लाभ होगा।
विज्ञापन


बच्चों को अमेरिका में चल रहे कोर्स व सिलेबस के बारे में आसानी से जानकारी हासिल होगी। कार्यशाला में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने सर्टिफिकेट कोर्स इन अमेरिकन स्ट्डीज का उद्घाटन किया।

इस कोर्स में 15 जनवरी से दाखिले शुरू किए जाएंगे। कुलपति ने एलयू के अंग्रेजी विभाग के कार्र्यों को सराहनीय बताते हुए विभागाध्यक्ष को मंच से बधाई भी दी।

अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. निशि पांडेय ने बताया कि कोर्स में 12 वीं पास कोई भी छात्र दाखिला ले सकता है। यह ऐसा कोर्स है, जो इंटरडिस्पिलनरी कोर्स होगा।

इसमें अंग्रेजी साहित्य के साथ-साथ राजनीति शास्त्र, इतिहास, अर्थशास्त्र व भूगोल आदि विषयों के टीचर एक साथ स्टूडेंट्स को पढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि यह 300 घंटे का कोर्स है और सेल्फ फाइनेंस होने के बावजूद इसकी फीस कम रखी जाएगी।

इस कोर्स में 50 सीटें होंगी। अगर स्टूडेंट अधिक हुए तो 50 सीटों का दूसरा बैच भी चलाया जा सकता है। वहीं, इस कोर्स को यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेज भी चला सकेंगे।

सर्टिफिकेट कोर्स में क्या-क्या पढ़ाया जाएगा और पढ़ाने का प्रभावी ढंग क्या हो। इसके लिए 40 शिक्षकों को कार्यशाला में प्रशिक्षण भी दिया गया साथ ही शिक्षकों के सुझाव भी लिए गए।
विज्ञापन


केकेसी के उप प्राचार्य डॉ. विनोद चंद्रा ने कहा कि इस कोर्स में अमेरिका से पढ़ाई कर लौटे कुछ स्टूडेंट्स के अनुभव भी उन्हीं की जुबानी पढ़ाए जाएं तो और प्रभावी होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें