मिस्र में जारी हिंसा के कारण पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका से आपूर्ति घटने की आशंकाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव बढ़ कर 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गए।
इससे घरेलू बाजार में पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। रुपये में जारी गिरावट से सरकारी तेल कंपनियों पर घाटे का दबाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। ऐसे में कच्चे तेल में तेजी उन्हें कीमतें बढ़ाने पर मजबूर कर सकती है।
लंदन में ब्रेंट क्रूड का अक्तूबर वायदा 110.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी स्वीट क्रूड का वायदा 107.26 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
मिस्र में जारी हिंसा की आंच आसपास के देशों में भी फैलने का खतरा दिख रहा है, जिससे तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है।
उधर इराक में बसरा स्थिति मुख्य तेल आपूर्ति टर्मिनल में रखरखाव का काम जारी है, जिससे यहां भी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
इसके अलावा लीबिया में हिंसा और हड़ताल से तेल आपूर्ति में बाधा की खबरों से भी बाजार में तेल के भाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में घरेलू बाजार में भी तेल के दाम आने वाले दिनों में बढ़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं।