पाकिस्तान के कारोबारी 17 से 20 अप्रैल तक चंडीगढ़ में मेड इन पाकिस्तान एक्सपो का आयोजन करेंगे। इसमें हिस्सा लेने के लिए सत्तर उद्यमियों समेत कुल पौने दो सौ पाकिस्तानी डेलिगेट्स चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
रावलपिंडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से सितंबर माह के दौरान पाक में सार्क देशों की बिजनेस कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारत के पीएचडी चैंबर, सीआईआई समेत कई औद्योगिक संगठनों एवं उद्यमियों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि दोनों देशों के बीच निवेश में इजाफा हो।
यह जानकारी चैंबर के सार्क बिजनेस को-आर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन खुर्शीद बरलास ने शनिवार को लुधियाना में दी। बरलास पीएचडी चैंबर की और से लुधियाना में लगी इंडो पाक एक्सपो में पाकिस्तानी टीम को को-आर्डिनेट कर रहे हैं। खुर्शीद ने क्षेत्रीय कारोबार को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने तर्क दिया कि यूरोपियन देशों में आपसी कारोबार 53 फीसदी, अमेरिकन देशों में 62 फीसदी, आसियान देशों में 43 फीसदी है, जबकि सार्क देशों में यह केवल साढ़े पांच फीसदी है। इसे आसानी से दस फीसदी तक किया जा सकता है। बरलास के अनुसार भारत और पाक के पंजाब का कंफर्ट लेवल काफी बेहतर है। दोनों देशों को आपसी ट्रेड डालर की बजाए रुपये में करना चाहिए।
चैंबर के सार्क चेयरमैन ने मांग की है कि वाघा सीमा पर न्यूट्रल बिजनेस सेंटर की स्थापना की जानी चाहिए। इसमें दोनों देशों के कारोबारी बिना वीजा के एक स्थान पर बैठ कर अपनी कारोबारी संभावनाओं पर विचार कर सकें ।