सोने की खरीदारी पर लगाम कसने के लिए सरकार सभी तरह की कवायद कर रही है। सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को सोने के लिए दिए जाने वाले कर्ज पर सख्ती कर दी है।
रिजर्व बैंक के अनुसार बैंक अब गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड पर दिए जाने वाले कर्ज को सामान्य सोने पर दिए गए कर्ज के समान ही देंगे। यानी बैंक किसी ग्राहक को कुल 50 ग्राम सोने के बराबर ही कर्ज दें सकेंगे, जिसकी सीमा में सोने के सिक्के, आभूषण, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड भी शामिल होंगे।
इसी तरह आरबीआई ने एनबीएफसी के लिए मौजूदा कर्ज देने के नियमों में भी सख्ती कर दी है।
नए नियम के तहत कंपनियां सोने की खरीदारी के लिए किसी ग्राहक को कर्ज नहीं दे सकेंगी, जिसके तहत ग्राहक सोने के आभूषण, सिक्के, गोल्ड म्यूचुअल फंड, गोल्ड ईटीएफ या प्राइमरी गोल्ड की खरीदारी के लिए कर्ज नहीं पा सकेंगे।
देश में सोने के बढ़ते इस्तेमाल से सरकार की परेशानी लगातार बढ़ रही है। अप्रैल महीने में 138 फीसदी आयात सोने का बढ़ा था। सरकार लगातार नियमों में सख्ती से सोने की खपत में कमी करना चाहती है, जिससे कि सरकार के चालू खाता घाटा में कमी आ सके।