बनारस, मुरादाबाद, इंदौर और लुधियाना के निर्यातकों को जल्द कई तरह की सुविधाएं अपने शहर में ही मिल सकेंगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (फियो) कई शहरों में अपने क्षेत्रीय चैप्टर खोलने की तैयारी कर रहा है। अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाने की कोशिश में जुटे निर्यात संगठनों के महासंघ की नजरें सबसे पहले बनारस, मुरादाबाद, इंदौर और लुधियाना जैसे औद्योगिक कलस्टर्स पर हैं। इससे न सिर्फ फियो के साथ ज्यादा निर्यातक जुड़ सकेंगे, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान क्षेत्रीय स्तर पर हो पाएगा।
बाघा बॉर्डर खोलने की योजना
फियो के अध्यक्ष एम. रफीक अहमद ने बताया कि पिछले एक साल के दौरान जयपुर, कोच्चि और गुवाहाटी में नए क्षेत्रीय चैप्टर खोले गए हैं। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए अब इंदौर, बनारस, मुरादाबाद और लुधियाना सहित कई अन्य शहरों में भी नए चैप्टर खोलने की तैयारी है। फियो की कोशिश है कि निर्यात से जुड़े ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक कलस्टरों तक पहुंच बढ़ाई जाए। पाकिस्तान के साथ व्यापार करने वाले निर्यातकों की दिक्कतें दूर करने के लिए वाघा बॉर्डर या अमृतसर के आसपास भी एक केंद्र खोलने की योजना है।
लाभ उठा सकेंगे निर्यातक
फियो के सीईओ व डीजी अजय सहाय का कहना है कि क्षेत्रीय केंद्र खुलने से निर्यातकों को कई तरह की सहूलियतें मिलेंगी। राज्य स्तर पर भी निर्यातकों को कई दिक्कतें आती हैं, जिसे देखते हुए क्षेत्रीय चैप्टर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। फियो बैंकिंग, फाइनेंस कस्टम ड्यूटी व टैरिफ से जुड़ी निर्यातकों की दिक्कतें दूर करने के अलावा कारोबार को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की सेवाएं भी देता है। नए शहरों में चैप्टर खुलने से वहां के निर्यातक भी फियो की गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे।
आसानी से मिलेगा सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजिन
कई देशों ने निर्यात होने वाले सामान के लिए सर्टिफिकेट ऑफ ऑरिजिन को अनिवार्य किया है। इस प्रमाण-पत्र को जारी करने के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने फियो को अधिकृत किया है। नए शहरों में फियो के ऑफिस खुलने से सबसे ज्यादा फायदा इस सर्टिफिकेट को लेने वाले निर्यातकों को होगा। उन्हें दिल्ली या आसपास के क्षेत्रीय केंद्र जाकर सर्टिफिकेट लेने की झंझट से छुटकारा मिलेगा।