पूंजी बाजार नियामक सेबी ने कहा कि वह कंपनियों की लिस्टिंग और डिलिस्टिंग संबंधी नए दिशानिर्देश अगले महीने जारी करेगा। इसके तहत मौजूदा लिस्टिंग समझौते के स्वरूप में बदलाव किया गया है और कंपनियों को इन पर जाहिर तौर पर अमल करना होगा।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन यूके सिन्हा ने कहा कि हम मौजूदा लिस्टिंग समझौते से अब लिस्टिंग नियमन की ओर बढ़ रहे हैं। लिस्टिंग समझौता कंपनियों और एक्सचेंज के साथ होता है। अब आगे यह एक बाध्यकारी नियम हो जाएगा। सिन्हा ने यहां उद्योग संगठन फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के अवसर पर संवाददाताओं को बताया कि नए नियमों में वर्गीकरण होगा और यह अधिक बाध्यकारी होगा।
उन्होंने कहा कि सेबी नए लिस्टिंग दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने वाला है और उन्हें अगले महीने जारी करेगा। नए दिशानिर्देशों से कंपनी जगत को यह संदेश देना है कि सेबी इन नियमों के अनुपालन को लेकर अब अधिक गंभीर हैं। नियामक ने हालांकि दंडात्मक कदमों का ब्योरा नहीं दिया है। सेबी ने डिलिस्टिंग समझौतों के मौजूदा स्वरूप को बदलने के बारे में परामर्श पत्र इसी साल जारी किया था।