विदेशी पूंजी का प्रवाह तेज होने और खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का असेट बेस फरवरी माह में बढ़ कर 12 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार देश के 45 फंड हाउसों ने के पास फरवरी के अंत में प्रबंधन योग्य औसत संपत्ति (एयूएम) कुल 12,02,196 करोड़ रुपये थी। दिसंबर में इंडस्ट्री का असेट बेस 10.5 लाख करोड़ रुपये रहा।
इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का कहना है कि एयूम में मासिक वृद्धि विदेशी पूंजी की तेज आवक और शेयर बाजार में तेजी की वजह से रही है। इसके अलावा मई में चुनाव के बाद शेयर बाजार में आई तेजी में इक्विटी स्कीमों में खुदरा निवेशकों ने अपनी भागीदारी बढ़ाई है। विशेषज्ञ का कहना है कि निवेशक आशावादी हैं और वे अर्थव्यवस्था और बाजार को लेकर उत्साहित हैं, जिससे खुदरा निवेशकों को अपनी भागीदारी बढ़ाने में मदद मिली है।
कुल मिला कर फंड हाउसों में पिछले माह 18,000 करोड़ रुपये की पूंजी आई। इस पूंजी में तरल या मनी मार्केट कैटैगरी के तहत पूंजी की आवक 8,784 करोड़ रुपये, वहीं इक्विटी सेगमेंट ने 5,217 करोड़ रुपये का प्रवाह देखा है। म्यूचुअल फंड असेट में इक्विटी ओरिएंटेड स्कीमों की हिस्सेदारी मार्च 2014 से बढ़ रही है और यह दिसंबर 2014 में 22 फीसदी से बढ़ा कर 30 फीसदी हो गई है।