कार, दुपहिया वाहन, हेल्थ, मकान आदि का बीमा कराने पर आपके लिए केवाईसी देना जल्द अनिवार्य हो सकता है। बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) इस संबंध में जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी करने की तैयारी कर रहा है।
अभी वाहन के लिए बीमा कराने, हेल्थ इंश्योरेंस आदि पर ग्राहकों को किसी तरह का केवाईसी देना अनिवार्य नहीं है। केवीईसी नियम लागू होने से जहां कंपनियों के लिए ग्राहक की प्रोफाइल समझना आसान हो सकेगा, वहीं बेहतर रिकार्ड रखने वाले ग्राहकों को कंपनियों के तरफ से बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
सूत्रों के अनुसार इस संबंध में इरडा जनरल इंश्योरेंस कंपनियो के साथ बातचीत कर रहा है। जिस संबंध में इरडा नए दिशानिर्देश साधारण बीमा कंपनियों के लिए लागू कर सकता है। कंपनियों के अनुसार ऐसा होने से अच्छा रिकार्ड वाले ग्राहकों को कंपनियां जहां ज्यादा दे सकेंगी, वहीं पूरी कार्यप्रणाली में भी पहले से ज्यादा पारदर्शिता आएगी।
एक साधारण बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि अभी वाहन खरीदने पर डीलर ही ग्राहक का बीमा कर देता है। जिसके लिए उसे ग्राहक के बारे में ज्यादा जानकारी की जरूरत नहीं होती है। यदि ग्राहकों के लिए केवीईसी अनिवार्य कर दिया जाय। तो हम ग्राहक के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
अधिकारी के अनुसार मौजूदा नियम के तहत साधारण बीमा कंपनियों में क्लेम लेते समय शर्तों के साथ केवाईसी की अनिवार्यता है। जिसमें एक लाख रुपये या उससे ज्यादा के क्लेम पर ग्राहक को पैन कार्ड, बैंक खाता नंबर आदि देना अनिवार्य होता है। जबकि जीवन बीमा कंपनियों में केवाईसी अनिवार्यता बीमा कराते वक्त ही होती है।
एक अन्य कंपनी के अधिकारी के अनुसार यदि बीमा कराते वक्त कंपनी को ग्राहक के बारे पता चल जाता है। तो वह कई तरह की सुविधा भी ग्राहकों को दे सकती है। मसलन बेहतर रिकार्ड रखने वाले ग्राहक को प्रीमियम में छूट आदि का प्रावधान किया जा सकता है। अधिकारी के अनुसार चूंकि साधारण बीमा कंपनियों में क्लेम की राशि ज्यादातर कम होती है। इसे देखते हुए इसे अभी तक केवाईसी के दायरे से बाहर रखा गया है।
क्या हो सकते हैं प्रावधान
ग्राहक को वाहन का बीमा कराते वक्त , हेल्थ इंश्योरेंस और दूसरे बीमा कराने के समय केवाईसी फार्म की जरूरतें पूरी करनी होगी। मसलन बैंक खाता, निवास स्थान का प्रमाण पत्र, पैन कार्ड आदि देने के बाद ही कंपनियां बीमा करेंगी। अभी ग्राहक वाहन खरीदते वक्त सीधे अपने वाहन बीमा करा सकता है। कुछ कंपनियां ऑनलाइन बीमा करते वक्त ग्राहक से पैन कार्ड आदि का विवरण मांगती है।