अरविंद केजरीवाल ने अब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उनके हाथ लगे सबूतों से जाहिर होता है कि मोदी सरकार अदानी की दुकान है। आइए आपको बताते हैं कि ये अदानी और इनके ग्रुप के बारे में।
पहली पीढ़ी के उद्यमियों की सूची में अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी का बड़ा नाम है। कमोडिटी के आयात और ओजीएल लाइसेंस की ट्रेडिंग से आगे बढ़कर अदानी ने पिछले 20 सालों में एक ऐसा औद्योगिक साम्राज्य खड़ा किया है, जिसका नाम टाटा, बिड़ला और अंबानी के साथ लिया जाता है।
अदानी ग्रुप को स्थापित करने वाले गौतम अदानी का शुरुआती जीवन आसान नहीं था। शुरुआत में दो साल तक उन्होंने डायमंड सॉर्ट महिंद्रा ब्रॉस में नौकरी की। इसके बाद उन्होंने झावरी बाजार से अपने बिजनेस की शुरुआत की। आज हिंदुस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति में उनका नाम शुमार होता है।
फोर्ब्स मैग्जीन के मुताबिक, अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी 10 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं और अहमदाबाद के अरबपतियों में शुमार हैं। आज अदानी ग्रुप देश की सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक है।
अदानी का जन्म अहमदाबाद के निम्न मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था और वे कुल सात भाई-बहन थे। पढ़ाई लिखाई करने से पहले रोजी-रोटी का सवाल आ गया। नतीजा यह हुआ कि कॉलेज की पढ़ाई के बाद उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी में बीकॉम में एडमिशन तो ले लिया, लेकिन पढ़ाई आगे बढ़ नहीं पाई।
उन्होंने हार नहीं मानी। जिंदगी में कुछ कर गुजरने की तमन्ना लिए मुंबई पहुंच गए। 18 वर्ष की उम्र में पैसे कमाने के लिए मुंबई भाग आए और एक डायमंड कंपनी में तीन-चार सौ रुपये की नौकरी पर लग गए। दो साल वहां काम करने के बाद गौतम अदानी ने झावेरी बाजार में खुद का डायमंड ब्रोकरेज आउटफिट खोला।
यहीं से उनकी जिंदगी पलटनी शुरू हो गई। वर्ष 1981 में अदानी के बड़े भाई मनसुखभाई ने प्लाटिक की एक यूनिट अहमदाबाद में लगाई और उन्होंने गौतम को कंपनी चलाने के लिए कहा।
इसके बाद उन्होंने बड़े भाई की पीवीसी यूनिट संभाली और धीरे-धीरे कारोबार आगे बढ़ाया। 1988 में उन्होंने एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट कंपनी अदानी इंटरप्राइजेज की स्थापना की। अदानी ग्रुप का कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है।
अदानी की पत्नी का नाम प्रीति है जो पेशे से डेंटिस्ट हैं और अदानी फाउंडेशन की हेड हैं। अदानी के दो पुत्र हैं-करण और जीत। इतना ही नहीं अदानी के पास दो प्राइवेट जेट हैं, जिसे उन्होंने बीचक्रॉफ्ट जेट 2005 में और हॉकर 2008 में खरीदी।
यह है एक कॉलेज ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स की कामयाबी की एक रियल कहानी। उन्होंने साबित कर दिया कि बड़ा बनने के लिए कॉलेज की डिग्री की नहीं, बल्कि बड़ी सोच की जरूरत होती है।
परिचय
नाम : गौतम अदानी
जन्म : 24 जून 1962, अहमदाबाद
नागरिकता : भारतीय
पढ़ाई : गुजरात यूनिवर्सिटी (ड्रॉपआउट कॉमर्स कोर्स)
कार्य : एग्जिक्यूटव चेयरमैन और फाउंडर अदानी ग्रुप
धर्म : हिंदू
पत्नी : प्रीति
बगो : करण और जीत
माता-पिता : शांतिलाल, शांताबेन अदानी