योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने आर्थिक विकास दर को रफ्तार देने के लिए ब्याज दरों में कटौती की वकालत की है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में विकास दर नरम पड़कर 5.4 फीसदी पर आ गई है। इसे देखते हुए जरूरी हो गया है कि ब्याज दरों को नीचे लाया जाए।
रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा पर प्रतिक्रिया देते हुए अहलूवालिया ने कहा कि एक लंबे समय से ब्याज दरों को नीचे लाने के लिए कदम उठाए जाने की जरूरत है। रिजर्व बैंक इन चीजों स्वतंत्र रूप से देखता है और हमें उसे ही यह तय करने देना चाहिए। फिलहाल, रिजर्व बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। ऐसे में विकास दर की रफ्तार फिर से गति देने के लिए प्रत्येक को अपना सहयोग देना चाहिए।