देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रिजर्व बैंक की मध्य तिमाही समीक्षा में पॉलिसी दरों को अपरिवर्तित रखना पहले से लगाए गए अनुमान के अनुरूप ही है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि महंगाई दर में नरमी आने के साथ अगले महीने से रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बदलाव करेगा।
क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी का कहना है कि नीतिगत समीक्षा उम्मीदों के अनुरूप ही रही लेकिन जनवरी की समीक्षा में ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती किए जाने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक इस रुख को आगे की मौद्रिक एवं नीतिगत समीक्षाओं में भी बनाए रखेगा।
एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ का कहना है कि महंगाई दर में कमी आने के साथ ही रिजर्व बैंक जनवरी की अपनी मौद्रिक व नीतिगत समीक्षा में ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की कटौती कर सकता है। मार्च में भी आरबीआई इस रुख को बनाए रख सकता है।
भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री बृंदा जागीरदार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में मिले सकारात्मक संकेतों को देखते हुए रिजर्व बैंक रेपो रेट और सीआरआर में कटौती कर सकता था। हालांकि, रिजर्व बैंक ने जनवरी की समीक्षा में ब्याज दरों में कमी करने के संकेत दिए हैं, जो आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने में मददगार साबित होगा।