विकास दर के अनुमान में गिरावट से सरकार के साथ उद्योग को भी तगड़ा झटका लगा है। सीएसओ द्वारा आर्थिक विकास 5 फीसदी करने की अनुमान को उद्योग संगठन फिक्की ने भविष्य की चुनौतियों से जोड़ते हुए जोखिम पूर्ण करार दिया है। हालांकि संगठन ने विकास दर में कमी को प्रत्याशित बताया है। लेकिन आंकड़े दशक के निचले स्तर पर आने की आशंका पर निराशा जाहिर की है।
फिक्की की अध्यक्ष नैना लाल किदवई का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार को विकास दर को बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे। सेवा क्षेत्र, कृषि और मैन्यूफैक्चरिंग विकास दर में गिरावट से अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। ऐसे में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करना अनिवार्य हो गया है।
उद्योग जगत के बीच कराए गए सर्वे का हवाला देते हुए किदवई ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार की ओर से आर्थिक सुधार के जो कदम उठाए गए हैं, उसे निवेशकों ने सकारात्मक रूप से लिया है।