चीन की एक अदालत में ब्रिटेन की फ़र्मास्यूटिकल कंपनी ग्लैक्सो स्मिथ क्लाइन (जीएसके) को रिश्वतखोरी का दोषी पाए जाने के बाद 2940 करोड़ रुपए (49 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है।
सबसे बड़े दवा निर्माताओं में से एक इस कंपनी पर अपनी दवाओं को बढ़ावा देने के लिए चिकित्सकों और अस्पतालों को रिश्वत देने के आरोप लगे थे।
अदालत ने चीन में जीएसके के पूर्व कार्यकारी अधिकारी मार्क राइली को तीन वर्ष की कारावास की सज़ा सुनाई, हालांकि यह तत्काल लागू नहीं होगी। उन्हें प्रत्यर्पित किए जाने की तैयारी हो रही है।
जीएसके के अन्य अधिकारियों को भी लंबित करावास की सज़ा सुनाई गई है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, चांग्शा की अदालत में एक दिन की सुनावाई के बाद यह फैसला आया।
पिछले साल जुलाई में चीनी प्रशासन ने कहा था कि वो जीएसके की जांच कर रहे हैं। कंपनी पर ग़ैरक़ानूनी रूप से 15 करोड़ डॉलर का लाभ कमाने का आरोप लगा था। जीएसके ने कहा कि उसने एक बयान जारी कर चीनी सरकार और चीनी लोगों से माफ़ी मांग चुकी थी।