सुरक्षा देने के नाम पर देश के प्रमुख बैंक अब एटीएम के मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा को शहरों के आधार पर सीमित करने की तैयारी में हैं।
यानी अगर आप मेट्रो या बड़े शहर में रहते हैं, तो दूसरे बैंक के एटीएम से राशि निकालने पर हर ट्रांजेक्शन पर फीस देनी पड़ सकती हैं।
अभी देश भर में दूसरे बैंक के एटीएम से पांच बार तक ट्रांजेक्शन पर बैंक कोई शुल्क नहीं लेते हैं। जबकि उसके बाद के ट्रांजेक्शन पर बैंक 20 रुपये का शुल्क उपभोक्ता से लेते हैं।
सूत्रों के अनुसार ट्रांजेक्शन सीमा तय करने के लिए बुधवार को मुंबई में बैंकर्स और नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई है।
बड़े शहरों में सबसे पहले होगी लागू
बैठक में मोटे तौर पर इस बात की सहमति बनी है कि पूरे देश में मुफ्त ट्रांजेक्शन को सीमित नहीं किया जा सकता है। ऐसे में मेट्रो शहर जहां पर सभी बैंकों के एटीएम की संख्या पर्याप्त मात्रा में है, वहां 5 मुफ्त ट्रांजेक्शन को खत्म कर दिया जाए।
यानी उपभोक्ता दूसरे एटीएम से ट्रांजेक्शन करता है, तो उसे प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क देना होगा। बैठक में भाग लेने वाले एक बैंकर के अनुसार इस संबंध में बैंकों को एटीएम की मैपिंग का रोडमैप तैयार करने को कहा गया है।
इससे यह तय हो सकेगा कि कौन से क्षेत्र में एटीएम बड़े शहर में आएगा।
फीस कितनी होगी पता चलेगा जल्द
अधिकारी के अनुसार, हालांकि अभी फीस की राशि तय करने पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। इसे आगे की बैठक में तय किया जाएगा।
देश में इस समय करीब 1.5 लाख एटीएम हैं। पिछले साल नवंबर 2013 में बंगलुरू में एक महिला पर एटीएम में हमले के बाद से बैंकों पर सुरक्षा बढ़ाने का दबाव बढ़ा है।
इसे देखते हुए बैंकों ने सुरक्षा बढ़ाने के नाम पर फीस बढ़ाने की मांग आरबीआई से की है।