सरकार जीएसटी से जुड़े सभी मुद्दों को इस साल खत्म कर लेना चाहती है। साथ ही सरकार ने राज्यों की जीएसटी को लेकर जारी चिंताओं को भी दूर करने का भरोसा दिलाया है। उसके अनुसार वह बिना राज्यों को भरोसे में लिए कोई फैसला नहीं लेगी।
शुक्रवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान कहा कि सरकार जीएसटी को लागू करने में आ रही अड़चनों को दूर करने की कोशिश कर रही है। इस साल हम जीएसटी को लेकर कोई हल निकालना चाहतेे हैं। जिससे कि जीएसटी को लागू किया जा सके। जेटली के अनुसार सरकार टोकन जीएसटी नहीं लागू करना चाहती है, वह एक मजबूत जीएसटी को अमल में लाने के पक्ष में है। जिसके तहत राज्यों की आम सहमति होगी।
उन्होंने सदन को यह भी भरोसा दिलाया कि कोई भी फैसला राज्यों से विचार-विमर्श के बिना नहीं लिया जाएगा।जेटली ने जीएसटी लागू होने से राज्यों को होने वाले नुकसान की आशंकाओं को भी खत्म करने की शुक्रवार को कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने की तिथि के तीन साल तक राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र करेगा।
वित्त मंत्री के अनुसार जीएसटी को लेकर राज्यों को मिलने वाले हर्जाने, करों के निर्धारण और दूसरे मुद्दों के लेकर राज्यों के साथ बातचीत चल रही है। जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से विकास दर में बढ़ोतरी के साथ रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।