केंद्र सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव किया है।
संशोधन प्रस्ताव का मकसद एमएसएमई के लिए कारोबार को बंद करने और नुकसान में चल रही यूनिट को फिर से चलाने के नियमों को आसान बनाना है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में नीति बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं।
एमएसएमई मंत्रालय का कहना है कि यह प्रस्ताव किया गया है कि एमएसएमई एक्ट में एमएसएमई की रिस्ट्रक्चरिंग और एक्जिट के लिए अलग चैप्टर जोड़ा जा सकता है।
इसके तहत बीमार एमएसएमई यूनिट को बंद करने का प्रावधान किया जाएगा। मौजूदा समय में अगर कोई एमएसएमई कारोबार से बाहर निकलना चाह रहा है तो इसके लिए कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
एमएसएमई के हितों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन लंबे समय से कारोबार से एक्जिट के लिए कानूनी प्रावधान की मांग करते रहे हैं।