विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में जुटी केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एनटीपीसी में 9.5 फीसदी विनिवेश को मंजूरी दे दी है। इससे सरकार को करीब 12 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने की उम्मीद है। एनटीपीसी के शेयरों की बिक्री आगामी 7 फरवरी को होगी। वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) ने एनटीपीसी ने विनिवेश की इस योजना को हरी झंडी दे दी है। माना जा रहा है कि एनटीपीसी का इश्यू पांच फीसदी के डिस्काउंट के साथ लांच किया जाएगा।
विनिवेश सचिव रवि माथुर ने बताया कि एनटीपीसी का विनिवेश आगामी 7 फरवरी को किया जाएगा। इसमें 9.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर सरकार करीब 12 हजार करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद कर रही है। सरकार ने अभी एनटीपीसी के न्यूनतम ऑफर प्राइस यानी फ्लोर प्राइस का खुलासा नहीं किया है। माना जा रहा है कि इसकी घोषणा बुधवार को होगी।
सरकार ओपन ऑफर के तहत एनटीपीसी के 78.32 करोड़ शेयर या 9.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। फिलहाल एनटीपीसी में सरकार की हिस्सेदारी 84.50 फीसदी है, जो विनिवेश के बाद घटकर 75 फीसदी रह जाएगी। अभी तक अपने विनिवेश कार्यक्रम के जरिए सरकार दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी है, जबकि इस साल विनिवेश से 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया गया था।
हाल ही में ऑयल इंडिया के विनिवेश से 3,141 करोड़ रुपये, एनएमडीसी से 6 हजार करोड़ रुपये और हिंदुस्तान कॉपर में विनिवेश से 800 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने में एनटीपीसी सबसे ज्यादा मददगार साबित होगी।