वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में इसकी जानकारी दी है। सरकार अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत चालू वित्त वर्ष में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक लिमिटेड, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। जबकि भारतीय ईस्पात प्राधिकरण (सेल) की 5 फीसदी हिस्सेदारी सरकार बेचेगी।
वित्त मंत्री ने इसके अलावा बजट में चर्चा के दौरान कहा कि सरकार ने कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और बाल्को में सरकार की बची हिस्सेदारी को बेचने का फैसला ले चुकी है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि चालू वित्त वर्ष के लिए कुछ और सरकारी कंपनियों के विनिवेश के बारे में सरकार फैसला कर सकती है।
सरकार की हिंदुस्तान जिंक में 29.5 फीसदी और बाल्को में 49 फीसदी हिस्सेदारी है। इन दोनों कंपनियों के हिस्सेदारी बेचकर सरकार करीब 1500 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इसके अतिरिक्त विनिवेश के जरिए 43000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है।