साइबर हमलों की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच हैकरों की नजर अब सरकारी वेबसाइटों पर लग गई है।
हाल के महीनों में भारत में साइबर हमलों की संख्या में इजाफा हुआ है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की रिपोर्ट का दावा है कि सरकारी वेबसाइट पर साइबर हमले बढे़ हैं।
हैकर सरकार और सरकारी वेबसाइटों की छवि खराब करने तथा इनकी विश्वसनीयता कम करने के लिए इन्हें निशाना बना रहे हैं। सरकार ने इस सिलसिले में सभी विभागों को अलर्ट जारी किया है।
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय के तहत आने वाले विभाग सीईआरटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकरों का निशाना ज्यादातर ऐसी वेबसाइट हैं जो डॉट इन (आईएन) डोमेन का इस्तेमाल करती हैं। सभी सरकारी विभागों की वेबसाइट इसी डोमेन पर हैं।
सीईआरटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बैंकिंग, फाइनेंस, तेल और गैस समेत कई सरकारी विभागों की वेबसाइट हैकरों के निशाने पर हैं।
रिपोर्ट ने माना कि पूरे साल साइबर हमले होते रहे हैं, लेकिन मई 2013 के बाद से इन तरह के हमलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
मई से अगस्त के बीच 11,447 बार साइबर हमले के प्रयास किए गए हैं। इनमें करीब 80 फीसदी हमले सरकारी वेबसाइटों पर किए गए हैं।
सरकार ने इस साल साइबर सुरक्षा पॉलिसी और सोशल मीडिया के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं, लेकिन ज्यादातर दिशा-निर्देश और कानून महज कागज में हैं। इन्हें सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका है।
हाल के दिनों में हैकरों की कारस्तानी से माधुरी दीक्षित और आयुष्मान खुराना की मौत की खबरें बड़ी तेजी से फैलीं। मुजफ्फर नगर दंगों को भी बढ़ावा देने के लिए इसी हथकंडे का इस्तेमाल किया गया था।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने माना कि साइबर आतंकवाद से सरकारी वेबसाइटों को खतरा बढ़ा है। इस तरह के हमलों का मुख्य मकसद लोगों में इन वेबसाइट के प्रति भरोसे को खत्म करना है।
ऐसे में सरकार ने सभी संबंधित मंत्रालयों को अलर्ट जारी किया है। किसी भी बाहरी ई मेल को खोलने से पहले उसकी जांच करने, वेबसाइट के रख-रखाव को और अधिक पुख्ता करने, एंटी फिशिंग और एंटी स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर को अपडेट करने की सलाह दी है।