सार्वजनिक बैंकों की पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार अपनी हिस्सेदारी कम करने की तैयारी में है। हालांकि सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी हालत में अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से कम नहीं करेगी।
यानी सरकारी बैंकों के मौजूदा स्वामित्व स्वरूप में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा। सरकार की चालू वित्त वर्ष में एसबीआई सहित दूसरे बैंकों में अपनी हिस्सेदारी को कम करने की योजना है।
शनिवार को केनरा बैंक के कार्यक्रम में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि बैंकों को पूंजी सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। हमने इसके लिए चार साल का प्रस्ताव तैयार किया है।