वैश्विक बाजार में सुस्ती और घरेलू बाजार में स्टॉकिस्टों की कमजोर मांग के कारण सोने की कीमत रात भर में ही फिसल कर 26,000 रुपये के नीचे आ गई।
दूसरी तरफ, चांदी में लगातार तीसरे सत्र के दौरान भी भारी बिकवाली दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार कारोबारियों की बिकवाली और औद्योगिक मांग घटने के कारण चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रही।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावनाओं और अनुमान से कहीं बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों के कारण सोने की कीमतें वैश्विक बाजार में एक महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गई हैं।