कर्मचारी भविष्य निधि के तहत जमा रकम पर 2012-13 के लिए 8.5 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाएगा। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम इस सप्ताह इसकी मंजूरी दे सकते हैं।
देशभर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करीब 5 करोड़ जमाकर्ता हैं। चिदंबरम की मंजूरी के बाद ईपीएफओ से जुड़ी भुगतान संबंधी समस्या समाप्त हो जाएगी।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के सचिव डीएल सचदेव ने कहा कि हमने ईपीएफओ के तहत 8.5 फीसदी की ब्याज दर संबंधी सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) के निर्णय को लागू करने में हो रही देरी पर श्रम मंत्रालय से चर्चा की।
उन्होंने हमें बताया कि इस सप्ताह निर्णय लागू कर दिया जाएगा। ईपीएफओ संबंधी मुद्दों पर निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था सीबीटी ने संगठन से जुड़े जमाकर्ताओं को 8.5 फीसदी की दर से ब्याज देने का निर्णय गत 25 फरवरी को किया था।
सीबीटी के निर्णय को लागू करने से पहले वित्त मंत्री की मंजूरी आवश्यक है। नियमानुसार ईपीएफओ को अपने भविष्य निधि जमाकर्ताओं को उनकी जमा पूंजी पर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही ब्याज दर की घोषणा करनी चाहिए।